वरमाला पहन साथ रहने का लिया संकल्प
चौरई। चौरई न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक मामला सामने आया, जहां पिछले चार वर्षों से आपसी विवाद के चलते अलग रह रहे पति-पत्नी ने सभी गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने का संकल्प लिया।
प्रथम श्रेणी न्यायाधीश धर्मेन्द्र खंडायत की अदालत में चल रहे इस लंबित प्रकरण में दोनों पक्षों को समझाइश दी गई, जिसके बाद पति-पत्नी आपसी सहमति से साथ रहने के लिए राजी हो गए। समझौते के बाद दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर नए जीवन की शुरुआत का संकल्प लिया।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से पति-पत्नी के बीच विवाद का लंबित मामला न्यायालय में विचाराधीन था। आपसी मतभेद के कारण दोनों अलग-अलग रह रहे थे। नेशनल लोक अदालत में धारा 125 के अंतर्गत रखे गए इस मामले में न्यायाधीश द्वारा दी गई समझाइश और सकारात्मक पहल के बाद दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की।
समझौते के उपरांत न्यायाधीश द्वारा पति-पत्नी को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया तथा जीवन में प्रेम और विश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी गईं।
मामले में पत्नी श्रीमती शिवकुमारी बाई एवं पति आसाराम डेहरिया निवासी पठरामाल को उपस्थित अधिवक्ताओं एवं नागरिकों ने शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।








