लंबी बीमारी के बाद युवा विक्की ने ली अंतिम सांस, नम आंखों से देगा नगर अंतिम विदाई
चौरई :(CTV) शनिवार की सुबह जैसे ही नगर में युवा विक्की शर्मा के निधन की खबर पहुंची, पूरा चौरई शोक में डूब गया। हर गली, हर चौक और हर मित्र मंडली में सिर्फ एक ही चर्चा थी — “इतनी कम उम्र में विक्की हमें छोड़कर चले गए…”।

मिलनसार स्वभाव, हमेशा मुस्कुराते रहने वाला चेहरा और हर किसी की मदद के लिए तत्पर रहने वाले विक्की शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे विक्की का नागपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिवार, मित्र और नगरवासी लगातार उनके स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन शनिवार सुबह आई दुखद खबर ने सभी की आंखें नम कर दीं।
विक्की शर्मा नगर की धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। जोड़ा हनुमान मंदिर से जुड़े धार्मिक आयोजनों में उनकी विशेष भागीदारी रहती थी। मित्रों के बीच वे सिर्फ एक साथी नहीं, बल्कि हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले भरोसेमंद इंसान के रूप में पहचाने जाते थे।

युवा भाजपा से जुड़े विक्की शर्मा राजनीतिक रूप से भी सक्रिय थे और युवाओं के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। उनके निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में युवा, मित्र और शुभचिंतक परिवार के घर पहुंचने लगे। हर किसी की आंखों में आंसू और चेहरे पर गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था।
विक्की शर्मा स्वर्गीय राजेंद्र शर्मा के पुत्र एवं राजा शर्मा तथा शैलेंद्र शर्मा के भतीजे थे। परिवार का सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में लंबे समय से जुड़ाव रहा है, जिसके चलते नगर के हर वर्ग में शोक की लहर फैल गई।








