चौरई (CTV):मोहर्रम पर्व के अवसर पर चौरई नगर में पारंपरिक श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। नगर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले आकर्षक एवं सुंदर ताजियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। बड़ी संख्या में नागरिकों ने ताजियों के दर्शन कर देश एवं समाज में सुख, शांति, चैन और अमन की दुआ मांगी।
ताजिया जुलूस हजरत जागीर बाबा के स्थल से उनके बेटे शहजादा हजरत नासीर उद्दीन के नेतृत्व में प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नगर के मुख्य मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहे और लोगों ने जगह-जगह खड़े होकर ताजियों का स्वागत एवं दर्शन किया।

जुलूस के दौरान छोटे बच्चों ने अपनी मन्नत पूरी होने पर शेर का रूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुति दी, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। वहीं युवाओं ने पारंपरिक लाठी-कला का शानदार प्रदर्शन कर अपनी कला और अनुशासन का परिचय दिया। करतबों को देखकर उपस्थित नागरिकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाने वाला अवसर है। हज़रत इमाम हुसैन ने अन्याय और अत्याचार के सामने कभी समझौता नहीं किया तथा सत्य और इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने, अन्याय का विरोध करने और मानवता की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।
ताजिया जुलूस का समापन निर्धारित स्थल पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया गया। पूरे आयोजन के दौरान यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर के तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अमला मुस्तैदी से तैनात रहा, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
CTV के लिए श्याम चौरसिया की रिपोर्ट








