
10 CL और 12 माह के सेवाकाल के आदेश समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
चौरई। लंबे समय से मानदेय का इंतजार कर रहे अतिथि शिक्षकों का आक्रोश अब ज्ञापन और रैली के माध्यम से सामने आया। 2 अक्टूबर को आजाद अतिथि शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के तत्वावधान में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं तहसील स्तर पर ज्ञापन रैली का आयोजन किया गया। इसी क्रम में चौरई में भी अतिथि शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में अतिथि शिक्षकों ने सबसे प्रमुख रूप से पिछले तीन माह से लंबित वेतन तत्काल जारी करने की मांग रखी। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि लगातार तीन माह तक मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने परिवार के रोजमर्रा के खर्च और जीवन-यापन को लेकर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। त्योहारों के दौरान भी वेतन नहीं मिलने से उनकी परेशानियां और बढ़ गईं।
10 CL और 12 माह के सेवाकाल के आदेश की मांग
अतिथि शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री द्वारा 10 CL और 12 माह के सेवाकाल को लेकर कही गई बातों का उल्लेख करते हुए इस संबंध में जल्द से जल्द आधिकारिक आदेश जारी करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि घोषणा के बाद अब वे इसके स्पष्ट आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि सेवाकाल और अवकाश को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
वर्षों सेवा देने वालों को दोबारा अवसर देने की मांग
ज्ञापन में उन अतिथि शिक्षकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया, जिन्होंने वर्षों तक सेवाएं दीं, लेकिन किसी कारणवश वर्तमान में सेवा से बाहर हैं। संघ ने मांग की कि ऐसे अनुभवी अतिथि शिक्षकों को पुनः सेवा से जोड़ने के लिए उचित अवसर प्रदान किया जाए।
तीन माह से मानदेय नहीं, बढ़ी आर्थिक परेशानी
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि तीन माह से वेतन नहीं मिलने का सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है। रक्षाबंधन, ईद सहित अन्य त्योहार भी कई शिक्षकों ने बिना वेतन के आर्थिक दबाव के बीच गुजारे। नियमित आय के अभाव में घर का खर्च चलाना और आवश्यक जरूरतें पूरी करना चुनौती बनता जा रहा है।
चौरई में आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्री सतेंद्र शुक्ला सहित अन्य अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे। संघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र विचार कर लंबित वेतन जारी करने तथा अन्य मांगों के संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की।

