Home Uncategorized जय श्री राम ,भारत माता के जयघोष से गूंजा चौरई, साप्ताहिक मिलन...

जय श्री राम ,भारत माता के जयघोष से गूंजा चौरई, साप्ताहिक मिलन केंद्र में जुटे सनातनी

चौरई: नगर में मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के साप्ताहिक मिलन केंद्र का आयोजन उत्साह और धार्मिक वातावरण के बीच किया गया।

मिलन केंद्र में बड़ी संख्या में सनातनी समाज के युवक, वरिष्ठ नागरिक एवं संगठन से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ‘जय श्री राम’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।

मिलन केंद्र के दौरान माता श्री कार्यालय में एकत्रीकरण होकर बस स्टैंड से लेकर तुलसीदास जी चौराहे में तुलसीदास जी महाराज की वंदना कर आगे बढ़ते हुए जैन स्तंभ में महावीर स्वामी जी की अर्चना कर भारत माता चौक पहुंचकर ।

बजरंग दल की प्रार्थना, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं भारत माता की आरती की गई। धार्मिक आयोजनों के साथ कार्यकर्ताओं ने समाज में एकता, सेवा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

युवाओं में दिखा उत्साह

साप्ताहिक मिलन केंद्र में युवाओं की बढ़ती सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली। बड़ी संख्या में युवा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में भाग लेते नजर आए। वरिष्ठ नागरिकों की मौजूदगी ने भी आयोजन को मजबूती प्रदान की।अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जुड़ना समाज के लिए आवश्यक है।

हर मंगलवार बढ़ रहा सहभागिता का दायरा

विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा प्रत्येक मंगलवार आयोजित किए जा रहे इस मिलन केंद्र में लगातार लोगों की सहभागिता बढ़ती दिखाई दे रही है। संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के अनुसार, मिलन केंद्र का उद्देश्य समाज को संगठित करना, युवाओं को संस्कारों से जोड़ना और सेवा एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना है।

आयोजन के दौरान ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’ और धार्मिक जयघोषों से वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण बना रहा। मुख्य रूप से नरेश (गुड्डा) रघुवंशी व समस्त विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

मिलन केंद्र में उपस्थित सनातनी समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में अपनी सक्रिय सहभागिता बनाए रखने का संकल्प लिया। नगर में युवाओं और वरिष्ठजनों की एक साथ बढ़ती भागीदारी को सनातनी एकजुटता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।