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महिलाओं की भव्य कावड़ यात्रा से शिवमय हुआ चौरई, जयकारों से गूंजा नगर

नर्वदेश्वर महादेव मंदिर से निकली कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी उठाई कावड़; जगह-जगह पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत

चौरई (CTV) : सावन के पावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से सराबोर महिलाओं की भव्य कावड़ यात्रा वार्ड नंबर 4 स्थित नर्वदेश्वर महादेव मंदिर से निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ नन्हे-मुन्ने बच्चे और नवयुवतियां भी शामिल हुईं। महिलाओं की आकर्षक धार्मिक वेशभूषा और सजी-संवरी कावड़ यात्रा का विशेष आकर्षण रहीं।

कावड़ यात्रा नर्वदेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर महाकाल मंदिर, झंडा चौक, जोड़ा हनुमान मंदिर एवं माता मंदिर होते हुए वापस नर्वदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां विधिवत रूप से यात्रा का समापन किया गया। यात्रा के दौरान महिलाओं और श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए, जिससे पूरा नगर शिवमय हो उठा।

भक्ति गीतों पर महिलाओं ने किया नृत्य

कावड़ यात्रा के दौरान भक्ति गीतों और भजनों की धुन पर महिलाओं ने उत्साह के साथ नृत्य कर अपनी आस्था और भक्ति का प्रदर्शन किया। सिर पर सजी कावड़, पारंपरिक वेशभूषा और भक्ति में लीन महिलाओं का यह दृश्य देखते ही बन रहा था। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर कावड़ यात्रियों का स्वागत किया।

बच्चों और नवयुवतियों ने भी बढ़ाया उत्साह

इस धार्मिक यात्रा की सबसे सुंदर तस्वीर उस समय देखने को मिली, जब नन्हे-मुन्ने बच्चे भी अपने हाथों में कावड़ लेकर महिलाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए। नवयुवतियों की सहभागिता ने भी यात्रा को नई ऊर्जा प्रदान की। महिलाओं द्वारा बच्चों और युवा पीढ़ी को धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनाना भारतीय संस्कृति, संस्कार और भक्ति परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश देता नजर आया।

कावड़ यात्रा में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ने यह भी संदेश दिया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं ने स्वयं भक्ति का उत्साह दिखाने के साथ-साथ बच्चों और युवाओं को भी भगवान शिव की भक्ति और सनातन परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

पुष्पवर्षा से हुआ जगह-जगह स्वागत

यात्रा जिस भी मार्ग से होकर गुजरी, वहां स्थानीय नागरिकों ने श्रद्धाभाव के साथ कावड़ यात्रियों का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति ने सावन के इस पावन अवसर को और भी विशेष बना दिया।

भंडारा-प्रसादी के साथ हुआ समापन

नर्वदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कावड़ यात्रा का समापन किया गया। इसके पश्चात महिलाओं एवं श्रद्धालुओं के लिए भंडारा-प्रसादी का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

महिलाओं की अगुवाई, बच्चों और नवयुवतियों की सहभागिता तथा श्रद्धालुओं के उत्साह से संपन्न यह कावड़ यात्रा चौरई में आस्था, संस्कार और शिवभक्ति का संदेश देने वाली यादगार यात्रा बन गई।